Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष

Succession struggle in Jodhpur and Mewar

Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप Succession struggle in Jodhpur and Mewar : राजस्थान के इतिहास में 18वीं सदी में राजपूत राज्यों में उत्तराधिकार संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से जोधपुर और मेवाड़ में इस समय राजनीतिक … Read more

Jaipur Succession Struggle:जयपुर का उत्तराधिकार संघर्ष

Jaipur Succession Struggle

Jaipur Succession Struggle:जयपुर का उत्तराधिकार संघर्ष Jaipur Succession Struggle:राजस्थान के इतिहास में जयपुर का उत्तराधिकार संघर्ष (1743–1751 ई.) एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है। यह संघर्ष मुख्यतः सवाई जयसिंह के पुत्र ईश्वरीसिंह और माधोसिंह के बीच हुआ। इस संघर्ष ने न केवल जयपुर राज्य की स्थिरता को प्रभावित किया, बल्कि राजस्थान की राजनीति में मराठों के … Read more

Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता

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Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता Hurda Conference:18वीं शताब्दी का भारत राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा था। मुगल साम्राज्य का पतन प्रारम्भ हो चुका था और मराठे उत्तर भारत में अपने प्रभाव का विस्तार कर रहे थे। राजस्थान के शासकों के लिए यह एक गंभीर चुनौती थी। ऐसे समय में हुरड़ा सम्मेलन (1734 ई.) और … Read more

Bundi succession struggle:बूँदी उत्तराधिकार संघर्ष

Bundi succession struggle

Bundi succession struggle:बूँदी उत्तराधिकार संघर्ष Bundi succession struggle:राजस्थान के इतिहास में 18वीं शताब्दी का समय राजनीतिक अस्थिरता और आपसी संघर्षों से भरा हुआ था। इनमें से एक महत्वपूर्ण घटना थी बूँदी उत्तराधिकार संघर्ष, जिसने न केवल बूँदी राज्य की राजनीति को प्रभावित किया, बल्कि मराठों के राजस्थान में प्रवेश का भी मार्ग प्रशस्त किया। बूँदी … Read more

Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य का पतन और राजस्थान में अराजकता

Rise of the Marathas

Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य का पतन Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य के पतनोन्मुख होने के साथ ही राजस्थान भी भयंकर अराजकता की चपेट में आ गया। इस समय राजपूताना की रियासतें आपसी प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ग्रस्त हो गईं। इतिहासकार जदुनाथ सरकार ने इस स्थिति को इस प्रकार व्यक्त किया—“समस्त राजस्थान एक ऐसा … Read more