GENERAL INTRODUCTION OF INDIA

General introduction of India

GENERAL INTRODUCTION OF INDIA GENERAL INTRODUCTION OF INDIA भारत का सामान्य परिचय GENERAL INTRODUCTION OF INDIA भारत का सामान्य परिचय भारत देश का प्राचीन (ANCIENT INDIA) नाम उत्तर भारत में बसने वाले आर्यों के नाम पर अर्यवृत रखा गया तथा इन आर्यों के शक्तिशाली राजा भरत के नाम पर यह भारत कहलाया। वैदक आर्यों (Vedic … Read more

KALIBANGA ANCIENT CIVILIZATION OF RAJASTHAN

KALIBANGA ANCIENT CIVILIZATION OF RAJASTHAN

KALIBANGA ANCIENT CIVILIZATION OF RAJASTHAN राजस्थान की प्राचीन सभ्यता कालीबंगा KALIBANGA ANCIENT CIVILIZATION OF RAJASTHAN कालीबंगा प्राचीन दृषद्वती और सरस्वती नदी घाटी (वर्तमान में घग्घर नदी का क्षेत्र) क्षेत्र में सैन्धव सभ्यता से भी प्राचीन कालीबंगा की सभ्यता विकसित हुई। कालीबंगा सभ्यता स्थल राजस्थान में कहाँ स्थित है राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है। … Read more

ANCIENT COINS PREVALENT IN RAJASTHAN

ANCIENT COINS PREVALENT IN RAJASTHAN

ANCIENT COINS PREVALENT IN RAJASTHAN राजस्थान में प्रचलित प्राचीन सिक्के ANCIENT COINS PREVALENT IN RAJASTHAN राजस्थान की रियासतों में प्रचलित प्रमुख सिक्के सिक्के (मुद्रा) राजस्थान के इतिहास लेखन में सिक्कों (मुद्राओं) से बड़ी सहायता मिलती है। ये सोने, चांदी, तांबे या मिश्रित धातुओं के होते थे। सिक्के राजनीतिक (COINS POLITICAL), आर्थिक(ECONOMIC), सामाजिक, धार्मिक एवं भौतिक … Read more

INSCRIPTION COPPER PLATES OF RAJASTHAN

ANCIENT INSCRIPTION COPPER PLATES OF RAJASTHAN

INSCRIPTION COPPER PLATES OF RAJASTHAN राजस्थान के अभिलेख ताम्रपत्र   INSCRIPTION COPPER PLATES OF RAJASTHAN राजस्थान के अभिलेख ताम्रपत्र   ताम्रपत्र इतिहास निर्माण में ताम्रपत्रों का भी महत्त्वपूर्ण स्थान है। प्रायः राजा या ठिकाने के सामंतों द्वारा ईनाम, दान-पुण्य, जागीर आदि अनुदानों को ताम्रपत्रों पर खुदवाकर अनुदान प्राप्तकर्त्ता को दे दिया जाता था जिसे वह … Read more

PERSIAN INSCRIPTIONS OF RAJASTHAN

PERSIAN INSCRIPTIONS OF RAJASTHAN

PERSIAN INSCRIPTIONS OF RAJASTHAN राजस्थान के फ़ारसी शिलालेख PERSIAN INSCRIPTIONS OF RAJASTHAN राजस्थान के फ़ारसी शिलालेख भारत में मुस्लिम राज्य (MUSLIM STATE) की स्थापना के पश्चात् फारसी भाषा के लेख भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। ये लेख मस्जिदों, दरगाहों, कब्रों, सरायों, तालाबों के घाटों, पत्थरों आदि पर उत्कीर्ण करके लगाये गये थे। राजस्थान … Read more

RAJASTHAN INSCRIPTIONS IN HINDI

RAJASTHAN INSCRIPTIONS IN HINDI

RAJASTHAN INSCRIPTIONS IN HINDI राजस्थान के शिलालेख हिंदी में RAJASTHAN INSCRIPTIONS IN HINDI राजस्थान के शिलालेख हिंदी में अभिलेख पुरातात्विक स्रोतों के अंतर्गत अन्य महत्त्वपूर्ण स्रोत अभिलेख हैं । इसका मुख्य कारण उनका तिथियुक्त एवं समसामयिक होना है। ये साधारणतः पाषाण पट्टिकाओं, स्तम्भों, शिलाओं, ताम्रपत्रों, मूर्तियों आदि पर खुदे हुए मिलते हैं। इनमें वंशावली, विजय, … Read more

ALBERT HALL MUSEUM JAIPUR

ALBERT HALL MUSEUM JAIPUR

ALBERT HALL MUSEUM JAIPUR एल्बर्ट हॉल म्यूजियम जयपुर ALBERT HALL MUSEUM JAIPUR केन्द्रीय संग्रहालय (एल्बर्ट हॉल म्यूजियम), जयपुर एल्बर्ट हॉल म्यूजियम की शुरूआत महाराजा रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में 1876 ई. में प्रिन्स एलबर्ट द्वारा की गई। एल्बर्ट हॉल म्यूजियम राजस्थान का प्रथम संग्रहालय कहा जा सकता है। एल्बर्ट हॉल म्यूजियम 1886 ई. में सर … Read more

ORIENTAL STUDIES FOUNDATION JODHPUR

ORIENTAL STUDIES FOUNDATION JODHPUR

ORIENTAL STUDIES FOUNDATION (1955 AD), JODHPUR प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान (1955 ई.), जोधपुर ORIENTAL STUDIES FOUNDATION JODHPUR प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान (1955 ई.), जोधपुर मध्यकालीन राजस्थान में असंख्य पाण्डुलिपियां संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश, पाली तथा राजस्थानी भाषाओं में विविध विषयों पर लिखी गयी। पोथी खाना इतिहास, वेद, पुराण, दर्शन, ज्योतिष, गणित, काव्य, धर्मशास्त्र,  आयुर्वेद, आगम, व्याकरण, तंत्र, मंत्र … Read more

TIPU SULTAN

TIPU SULTAN

TIPU SULTAN टीपू सुल्तान TIPU SULTAN टीपू सुल्तान मैसूर का स्वतन्त्रता प्रेमी शहंशाह टीपू सुल्तान एक साहसी, योग्य और स्वतन्त्रता प्रेमी शासक था। अपने पिता हैदरअली की तरह वह युद्ध विद्या में कुशल था। पिता की नीति का अनुसरण करते हुए उसने अंग्रेजों से संघर्ष जारी रखा। उसे फारसी, उर्दू एवं कन्नड़ का अच्छा ज्ञान … Read more

HYDER ALI

HYDER ALI

HYDER ALI हैदरअली HYDER ALI हैदरअली हैदरअली का जन्म 1721 ई. में मैसूर प्रान्त के कोलार जिले के बूदिकोट नामक स्थान पर हुआ था। हैदर के पिता फतेह मुहम्मद उच्च कोटि के सेनानायक थे। प्रारम्भ में मैसूर एक स्वतन्त्र राज्य न होकर विजयनगर साम्राज्य का एक अंग था। साम्राज्य का विघटन होने पर यह एक … Read more