Gagron Fort in Hindi

Gagron Fort in Hindi

Gagron Fort in Hindi Gagron Fort in Hindi गागरोण का दुर्ग, (जल दुर्ग) झालावाड़ कालीसिंध व आहू नदी के संगम स्थल ‘सामेलणी’ पर स्थित यह किला ‘जलदुर्ग’ की श्रेणी में आता है। इसे क़ालीसिंध व आहू(दोनों चम्बल की सहायक नदियाँ है) ने तीन तरफ से घेर रखा है। एक सुरंग के द्वारा नदी का पानी … Read more

Kumbhalgarh Fort in Hindi

Kumbhalgarh Fort in Hindi

Kumbhalgarh Fort in Hindi कुम्भलगढ़ दुर्ग (एस्ट्रकन), (गिरि दुर्ग) राजसमंद किले का नाम कुम्भलगढ़ दुर्ग स्थान कुम्भलगढ़ (राजसमंद) निर्माता राणा कुम्भा निर्माण का समय 1448-58 ई. किले की श्रेणी गिरी दुर्ग विशेषता मेवाड़ की संकटकालीन राजधानी कुम्भलगढ़ दुर्ग का सामरिक महत्व कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान का चित्तौड़गढ़ के बाद दूसरा सबसे महत्त्वपूर्ण दुर्ग है। महाराणा कुम्भा … Read more

Ranthambore Fort In Hindi

Ranthambore Fort In Hindi

Ranthambore Fort In Hindi रणथम्भौर का दुर्ग सवाईमाधोपुर से लगभग 9 किलोमीटर दूर अरावली पर्वत मालाओं से घिरा हुआ एक पार्वत्य दुर्ग एवं वन दुर्ग है। रणथम्भौर का वास्तविक नाम रणतपुर है अर्थात् रण की घाटी में स्थित नगर रण उस पहाड़ी का नाम है जो किले की पहाड़ी से कुछ नीचे है एवं थंभ … Read more

Maharaja Raisingh in Hindi

Maharaja Raisingh in Hindi

Maharaja Raisingh in Hindi दोस्तों आज हम महाराजा रायसिंह (1574-1612 ई.) के बारे में अध्ययन करेंगे नागौर दरबार(1570 ई.) रायसिंह ने ‘महाराजा‘ की पदवी धारण की महाराजा रायसिंह का अकबर एवम् जहाँगीर से संबंध Maharaja Raisingh in Hindi मिर्जा बंधुओं का  दमन रायसिंह का चन्द्रसेन के विरुद्ध भेजा जाना रायसिंह का देवड़ा सुरताण के विरुद्ध … Read more

Chittorgarh Fort

Chittorgarh Fort

आइये आज हम चित्तौड़गढ़ दुर्ग (Chittorgarh Fort)के बारे में अध्ययन करेंगे चित्रकूट दुर्ग चित्तौड़ के किले का वास्तविक नाम चित्रकूट है। आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गयी चार कोटियों तथा आचार्य शुक्र द्वारा बताई गयी नौ  दुर्ग कोटियों में से केवल एक कोटि धान्वन दुर्ग’ को छोड़कर चित्तौड़गढ़ को सभी कोटियों में रखा जा सकता है … Read more

Fort Of Rajasthan

Fort Of Rajasthan

राजस्थान के किले Fort Of Rajasthan राजस्थान में लगभग  250 से अधिक दुर्ग व गढ़ है। सम्पूर्ण देश में राजस्थान वह प्रदेश है, जहाँ पर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बाद सर्वाधिक गढ़ और दुर्ग बने हुए हैं। भारत में महाराष्ट्र एवं राजस्थान में पग-पग पर दुर्ग मिलते हैं। यहाँ राजाओं, सामन्तों ने अपने निवास के … Read more

Rathores of Bikaner

SRathores of Bikaner

आइये आज हम बीकानेर के राठौड़(Rathores of Bikaner) वंश के बारे में अध्ययन करेंगे राव बीका (1465-1504 ई.) राव बीका मारवाड़ के राव जोधा का पांचवा पुत्र था। ऐसा कहा जाता है कि  जांगल प्रदेश को राव बीका और उसके मित्र  जाट नेता नरा ने मिलकर जीता, दोनों के नाम पर इस राज्य का नाम … Read more

Shivaji

Shivaji

Shivaji आइये आज हम शिवाजी (1627-1680 ई.)(Shivaji) के बारे में अध्ययन करेंगे शिवाजी (1627-1680 ई.) जन्म 20 अप्रैल 1627 जन्म स्थान पूना(महाराष्ट्र)के समीप शिवनेर का पहाड़ी किला पिता शाहजी भोंसले माता जीजाबाई संरक्षक दादा कोंडदेव शिक्षा सैनिक शिक्षा, हिन्दू धर्मशास्त्रों की शिक्षा बाल्यावस्था में रामायण, महाभारत तथा दूसरे हिन्दू शास्त्रों का पूर्ण ज्ञान 12 वर्ष … Read more

Rao Chandrasen  

Rao Chandrasen

Rao Chandrasen राव चंद्रसेन Rao Chandrasen आइये आज हम राव चंद्रसेन(Rao Chandrasen) के बारे में अध्ययन करेंगे   जन्म- 1541 ई पिता – राव मालदेव माता- झाला रानी स्वरूप दे राव चंद्रसेन (1562-1581 ई.) का राज्यग्रहण राव मालदेव जोधपुर के प्रसिद्ध शासक थे। राव चंद्रसेन उनके सबसे छोटे बेटे थे, राव मालदेव अपने सबसे बड़े … Read more

Maharana Sanga

Maharana Sanga

Maharana Sanga महाराणा सांगा(Maharana Sanga) (1509-1528 ) आइये आज हम महाराणा सांगा के बारे में अध्ययन करेंगे महाराणा सांगा अपने पिता महाराणा रायमल (Maharana Raimal) की मृत्यु के बाद सन 1509 ई. में, 27 वर्ष की आयु में मेवाड़(Mewar) का शासक बना। मेवाड़ के महाराणाओं में वह सबसे अधिक प्रतापी  योद्धा था। महाराणा सांगा(Maharana Sanga) … Read more