Rathore of Jodhpur

Rathore of Jodhpur

आइये आज हम राठौड़ वंश (Rathore Of Jodhpur) के बारे में अध्ययन करेंगे राव सीहा (1240-1273 ई.) मारवाड़ में जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जालौर, नागौर एवं पाली जिले में आते हैं मारवाड़ के राठौड़ वंश की स्थापना राव सीहा ने 13 शताब्दी में की व साम्राज्य का विस्तार किया। राठौड़ों का मूल पुरुष सीहा था, उसने … Read more

Rathor Dynasty

Rathor Dynasty

राठौड़ वंश Rathor Dynasty ‘राठौड़’ शब्द भाषा में एक राजपूत जाति के लिए इस्तेमाल किया गया है, जिसे संस्कृत में Rashtrakuta (राष्ट्रकूट) कहते हैं। राष्ट्रकूट का प्राकृत रूप ‘रटूटऊड‘ है जिससे ‘राइउड‘ या ‘राठौड़‘ बनता है। अशोक के शिलालेखों कुछ दक्षिण – जातियों के लिए ‘रिस्टिक’ Lattic (लटिक) और ‘रटिक’ शब्दों का प्रयोग किया गया … Read more

Jhalawar State

Jhalawar State

Jhalawar State Jhalawar State झालावाड़ राज्य झालावाड़– झालावाड़ राज्य पहले कोटा रियासत का ही भाग था। यहाँ राजपूतों की झालाखाँप के राजा होते थे। ये अपने आपको चन्द्रवंशी मानते थे। झालावाड़ का वर्तमान राज्य सन् 1838 ई. में स्थापित हुआ था। झालरापाटन इसकी राजघानी थी। यह शहर हरियाली से परिपूर्ण है। झालरापाटन–(City Of Bells) के … Read more

Chouhan of Nadaul

Chouhan of Nadaul

नाडौल के चौहान Chouhan of Nadaul राजस्थान के पाली जिले की देसुरी तहसील का एक नगर प्राचीन काल में नाडौल कहलाता था। नाडौल के चौहानों की शाखा का संस्थापक लक्ष्मण चौहान शाकम्भरी नरेश वाक्पति राज का पुत्र था। लक्ष्मण चौहान ने 960 ई. के लगभग चावड़ा राजपूतों से स्वतंत्र होकर चौहान वंश की स्थापना की। शाकम्भरी(संभार) … Read more

Kachhwaha Dynasty of Amer

Kachhwaha Dynasty of Amer

Kachhwaha Dynasty of Amer आइये आज हम आमेर के कच्छवाहा राजवंश (Kachhwaha Dynasty of Amer) के बारें में अध्ययन करेंगे कच्छवाहा राजपूत स्वयं को भगवान रामचन्द्र के पुत्र कुश का वंशज मानते हैं, कच्छवाहा वंश के नरवर के शासक सोढा सिंह के पुत्र दुलहराय ने सन् 1137 के लगभग रामगढ़ (ढूँढाड़) में मीणों को तथा … Read more

Pratihara of Bhinmal (Jalore)

Pratihara of Bhinmal (Jalore)

Pratihara of Bhinmal (Jalore) Pratihara of Bhinmal (Jalore) आइये आज हमभीनमाल (जालौर) के प्रतिहार {Pratihara of Bhinmal (Jalore)} के बारें में अध्ययन करेंगे नागभटट प्रथम ( 730-760 ई.) इस शाखा का संसथापक नागभट्ट प्रथम था। नागभट्ट प्रथम का समय 730-760 ई. माना जाता है यह बड़ा प्रतापी शासक हुआ इसका दरबार नागावलोक का दरबार कहलाता … Read more

Pratihara of Mandore

Pratihara of Mandore

Pratihara of Mandore Pratihara of Mandore आइये आज हम मण्डौर के प्रतिहार वंश के बारे में अध्ययन करेंगे राजा हरिश्चंद्र मण्डौर प्रतिहार वंश के संस्थापक राजा हरिश्चंद्र थे जिनके वंशजों ने मण्डौर में शासन किया। गुर्जर प्रतिहारों की 26 शाखाओं में से सबसे प्राचीन एवं महत्त्वपूर्ण मण्डौर के प्रतिहार थे। जोधपुर सन् 837 ई. एवं … Read more

Gurjar Pratihar dynasty

Gurjar Pratihar dynasty

Gurjar Pratihar dynasty Gurjar Pratihar dynasty आइये आज हम गुर्जर प्रतिहार वंश के बारे में अध्ययन करेंगे गुर्जर प्रतिहार वंश(Gurjar Pratihar dynasty) अग्निकुण्ड से उत्पन्न चार वंशों परमार प्रतिहार चालुक्य चौहान में शामिल है। अग्निकुल के राजकुलों में सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रतिहार वंश जो गुर्जरों की शाखा से संबंधित होने के कारण इतिहास में गुर्जर प्रतिहार … Read more

Princely State Of Alwar

Princely State Of Alwar

Princely State Of Alwar Princely State Of Alwar अलवर रियासत Princely State Of Alwar आइये आज हम अलवर रिसायत के बारे में अध्अययन करेंगे अलवर नाम को लेकर कई कहानियाँ प्रचलित है कनिंघम का मत है कि अलवर नगर को सल्व जन जाति से प्राप्त हुआ और मूल रूप से यह सल्वपुर था  फिर सल्वर … Read more

Bharatpur Princely State

Bharatpur Princely State

Bharatpur Princely State Bharatpur Princely State भरतपुर रियासत भरतपुर राज्य की स्थापना सिनसिनी गाँव के जाटों ने की थी। राजस्थान के पूर्वी भाग-भरतपुर, धौलपुर, डीग आदि क्षेत्रों पर जाट वंश का शासन था। यहाँ जाट शक्ति का उदय औरंगजेब के शासन काल से हुआ था। कहा जाता है की इसका नाम भरतपुर अयोध्यापति श्री राम … Read more