Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता

Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता

Hurda Conference:18वीं शताब्दी का भारत राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा था। मुगल साम्राज्य का पतन प्रारम्भ हो चुका था और मराठे उत्तर भारत में अपने प्रभाव का विस्तार कर रहे थे। राजस्थान के शासकों के लिए यह एक गंभीर चुनौती थी। ऐसे समय में हुरड़ा सम्मेलन (1734 ई.) और बाद में हुआ धौलपुर समझौता (1741 ई.) राजस्थान के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ मानी जाती हैं।

Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन (1734 ई.)

  • मराठे लगातार मालवा और राजस्थान की सीमाओं पर दबाव बना रहे थे।
  • मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह और सवाई जयसिंह ने कई बार बातचीत द्वारा समस्या हल करने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।
  • राजपूतों की साम-दाम की नीति भी असफल हो चुकी थी।

Hurda Conference:सम्मेलन का आयोजन

  • स्थान: हुरड़ा (वर्तमान भीलवाड़ा, अजमेर सीमा के निकट)
  • तिथि: 16 जुलाई, 1734 ई.
  • अध्यक्षता: महाराणा जगतसिंह द्वितीय (मेवाड़)

Hurda Conference:प्रमुख प्रतिभागी

  • सवाई जयसिंह (जयपुर)
  • अभयसिंह (जोधपुर)
  • बख्तसिंह (नागौर)
  • जोरावरसिंह (बीकानेर)
  • दुर्जनसाल (कोटा)
  • दलेलसिंह (बूँदी)
  • गोपालदास (करौली)
  • राजसिंह (किशनगढ़)

Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन के निर्णय

  • Hurda Conference:सभी शासक एकता बनाए रखेंगे – “एक का अपमान सभी का अपमान।”
  • कोई भी राज्य, दूसरे राज्य के विद्रोहियों को शरण नहीं देगा।
  • वर्षा ऋतु के बाद सभी राजपूत शासक अपनी-अपनी सेनाओं के साथ रामपुरा में मराठों के विरुद्ध एकत्र होंगे।
  • अनुपस्थित शासक को अपना भाई या पुत्र भेजना होगा।

Hurda Conference:परिणाम

  • राजपूत शासक वास्तव में कोई सामूहिक कार्यवाही नहीं कर सके।
  • व्यक्तिगत स्वार्थ, ऐश्वर्य-भोग और आपसी झगड़ों ने इस एकता को टिकने नहीं दिया।
  • राणा सांगा के बाद यह पहला अवसर था जब राजपूत शासक एकजुट हुए, लेकिन व्यावहारिक सफलता नहीं मिली।

Hurda Conference:धौलपुर समझौता (1741 ई.)

  • पेशवा बाजीराव की माता राधाबाई के राजस्थान प्रवास के बाद मराठों और राजपूतों के संबंध मधुर हुए।
  • पेशवा ने सीधे राजपूत शासकों से समझौता करने का निश्चय किया।
  • जनवरी 1736 में पेशवा उदयपुर पहुँचा और बाद में धौलपुर में सवाई जयसिंह से वार्ता की।

Hurda Conference:धौलपुर समझौता (1741 ई.)समझौते की प्रमुख शर्तें

  1. पेशवा को मालवा की सूबेदारी दी जाएगी।
  2. पेशवा बादशाह की सेवा में 500 सैनिक रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर 4,000 सवार भेजेगा (खर्च मुगल सरकार देगी)।
  3. पेशवा को चम्बल के पूर्व और दक्षिण के जमींदारों से नजराना व पेशकश लेने का अधिकार होगा।
  4. पेशवा बादशाह को वफादारी पत्र लिखेगा।
  5. सिन्धिया और होल्कर भी यह लिखकर देंगे कि यदि पेशवा बेवफाई करता है तो वे उसका साथ नहीं देंगे।
  6. भविष्य में मराठे बादशाह से कोई नई धन माँग नहीं करेंगे।

Hurda Conference:धौलपुर समझौता (1741 ई.)परिणाम

  • 4 जुलाई, 1741 ई. को बादशाह ने समझौते की पुष्टि की।
  • मुगल बादशाह की प्रतिष्ठा भी बची रही और मराठों का विस्तार भी सुनिश्चित हुआ।
  • सवाई जयसिंह ने मध्यस्थ की भूमिका निभाकर राजनीतिक संतुलन स्थापित किया।

Hurda Conference:ऐतिहासिक महत्व

  • हुरड़ा सम्मेलन राजपूतों की एकता की असफल कोशिश थी।
  • धौलपुर समझौता मराठों और मुगलों के बीच संतुलन की राजनीतिक चाल थी।
  • इन दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि राजपूत शासक अपने स्वार्थ त्यागकर दीर्घकालीन रणनीति बनाने में असफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप मराठों का प्रभाव राजस्थान और उत्तर भारत में और अधिक बढ़ा।

Hurda Conference:निष्कर्ष

हुरड़ा सम्मेलन (1734 ई.) और धौलपुर समझौता (1741 ई.) राजस्थान और भारत के इतिहास की वे घटनाएँ हैं जो बताती हैं कि राजपूत शासक सामूहिक रूप से तो एकत्रित हो सकते थे, लेकिन व्यावहारिक रूप से मराठों का सामना नहीं कर पाए। इन घटनाओं ने आगे चलकर राजस्थान की राजनीति को गहराई से प्रभावित किया।

Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQ)

प्रश्न 1: हुरड़ा सम्मेलन कब और कहाँ हुआ था?

उत्तर: हुरड़ा सम्मेलन 16 जुलाई, 1734 ई. को हुरड़ा (वर्तमान भीलवाड़ा, राजस्थान) में आयोजित हुआ था।

प्रश्न 2: हुरड़ा सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की थी?

उत्तर: इसकी अध्यक्षता महाराणा जगतसिंह द्वितीय (मेवाड़) ने की थी।

प्रश्न 3: हुरड़ा सम्मेलन में कौन-कौन से राजपूत शासक उपस्थित हुए थे?

उत्तर:

  • सवाई जयसिंह (जयपुर)
  • अभयसिंह (जोधपुर)
  • बख्तसिंह (नागौर)
  • जोरावरसिंह (बीकानेर)
  • दुर्जनसाल (कोटा)
  • दलेलसिंह (बूँदी)
  • गोपालदास (करौली)
  • राजसिंह (किशनगढ़)

प्रश्न 4: हुरड़ा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर: मराठों को मालवा और राजस्थान की सीमाओं से बाहर निकालना और राजपूत राज्यों में एकता स्थापित करना।

प्रश्न 5: हुरड़ा सम्मेलन का परिणाम क्या रहा?

उत्तर: यह सम्मेलन असफल रहा, क्योंकि राजपूत शासक अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और ऐश्वर्य त्यागकर मराठों के विरुद्ध कोई सामूहिक सैन्य कार्यवाही नहीं कर पाए।

प्रश्न 6: धौलपुर समझौता कब और किसके बीच हुआ था?

उत्तर: धौलपुर समझौता 1741 ई. में सवाई जयसिंह और पेशवा बालाजी बाजीराव के बीच हुआ।

प्रश्न 7: धौलपुर समझौते की मुख्य शर्तें क्या थीं?

उत्तर:

  1. पेशवा को मालवा की सूबेदारी देना।
  2. मुगल सेवा में 500 सैनिक और आवश्यकता पड़ने पर 4,000 सवार भेजना।
  3. चम्बल क्षेत्र के जमींदारों से नजराना लेने का अधिकार।
  4. बादशाह के प्रति वफादारी पत्र देना।
  5. सिन्धिया और होल्कर का पेशवा के प्रति प्रतिबद्धता।
  6. भविष्य में कोई नई धन माँग नहीं करना।

प्रश्न 8: हुरड़ा सम्मेलन का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

उत्तर: यह राणा सांगा के बाद पहला अवसर था जब राजपूत शासक एकजुट हुए। हालांकि असफल रहा, लेकिन यह राजपूत एकता का एक महत्वपूर्ण प्रयास था।

हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. हुरड़ा सम्मेलन कब आयोजित हुआ था?

(a) 1727 ई.
(b) 1734 ई.
(c) 1741 ई.
(d) 1750 ई.
उत्तर: (b) 1734 ई.

प्रश्न 2. हुरड़ा सम्मेलन कहाँ हुआ था?

(a) अजमेर
(b) धौलपुर
(c) हुरड़ा (भीलवाड़ा)
(d) जयपुर
उत्तर: (c) हुरड़ा (भीलवाड़ा)

प्रश्न 3. हुरड़ा सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की थी?

(a) सवाई जयसिंह द्वितीय
(b) महाराणा जगतसिंह द्वितीय
(c) अभयसिंह
(d) दलेलसिंह
उत्तर: (b) महाराणा जगतसिंह द्वितीय

प्रश्न 4. हुरड़ा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(a) मराठों को राजस्थान से निकालना
(b) मुगलों से संधि करना
(c) व्यापार मार्ग सुरक्षित करना
(d) अंग्रेजों से रक्षा करना
उत्तर: (a) मराठों को राजस्थान से निकालना

प्रश्न 5. हुरड़ा सम्मेलन में कौन-सा शासक शामिल नहीं था?

(a) सवाई जयसिंह
(b) अभयसिंह
(c) बख्तसिंह
(d) महाराणा प्रताप
उत्तर: (d) महाराणा प्रताप

प्रश्न 6. हुरड़ा सम्मेलन के बाद राजपूत शासकों को कहाँ एकत्र होना था?

(a) धौलपुर
(b) रामपुरा
(c) दिल्ली
(d) उदयपुर
उत्तर: (b) रामपुरा

प्रश्न 7. धौलपुर समझौता कब हुआ था?

(a) 1734 ई.
(b) 1736 ई.
(c) 1741 ई.
(d) 1751 ई.
उत्तर: (c) 1741 ई.

प्रश्न 8. धौलपुर समझौता किनके बीच हुआ था?

(a) महाराणा जगतसिंह और बाजीराव
(b) सवाई जयसिंह और बालाजी बाजीराव
(c) अभयसिंह और होल्कर
(d) बख्तसिंह और सिन्धिया
उत्तर: (b) सवाई जयसिंह और बालाजी बाजीराव

प्रश्न 9. धौलपुर समझौते के अनुसार पेशवा को क्या दिया गया?

(a) चम्बल की सूबेदारी
(b) मालवा की सूबेदारी
(c) राजस्थान की सूबेदारी
(d) दिल्ली की सूबेदारी
उत्तर: (b) मालवा की सूबेदारी

प्रश्न 10. धौलपुर समझौते की पुष्टि मुगल बादशाह ने कब की?

(a) 4 जुलाई, 1741 ई.
(b) 1 जनवरी, 1736 ई.
(c) 16 जुलाई, 1734 ई.
(d) 20 अगस्त, 1745 ई.
उत्तर: (a) 4 जुलाई, 1741 ई.

Hurda Conference:हुरड़ा सम्मेलन और धौलपुर समझौता – One Liner Q&A

  1. हुरड़ा सम्मेलन कब हुआ? – 16 जुलाई, 1734 ई.
  2. हुरड़ा सम्मेलन कहाँ हुआ? – हुरड़ा (भीलवाड़ा, राजस्थान)
  3. हुरड़ा सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की? – महाराणा जगतसिंह द्वितीय (मेवाड़)
  4. हुरड़ा सम्मेलन किस उद्देश्य से बुलाया गया था? – मराठों को मालवा व राजस्थान से निकालने के लिए
  5. हुरड़ा सम्मेलन आयोजित करने की पहल किसने की थी? – सवाई जयसिंह द्वितीय (जयपुर)
  6. हुरड़ा सम्मेलन के बाद राजपूत शासकों को कहाँ एकत्र होना था? – रामपुरा
  7. हुरड़ा सम्मेलन में जोधपुर का प्रतिनिधित्व किसने किया? – अभयसिंह
  8. हुरड़ा सम्मेलन में नागौर का प्रतिनिधित्व किसने किया? – बख्तसिंह
  9. हुरड़ा सम्मेलन में बीकानेर का प्रतिनिधित्व किसने किया? – जोरावरसिंह
  10. हुरड़ा सम्मेलन में कोटा का प्रतिनिधित्व किसने किया? – दुर्जनसाल
  11. हुरड़ा सम्मेलन में बूँदी का प्रतिनिधित्व किसने किया? – दलेलसिंह
  12. हुरड़ा सम्मेलन में करौली का प्रतिनिधित्व किसने किया? – गोपालदास
  13. हुरड़ा सम्मेलन में किशनगढ़ का प्रतिनिधित्व किसने किया? – राजसिंह
  14. हुरड़ा सम्मेलन का परिणाम क्या रहा? – राजपूत शासक सामूहिक कार्यवाही करने में असफल रहे।
  15. धौलपुर समझौता कब हुआ? – 1741 ई.
  16. धौलपुर समझौता किनके बीच हुआ? – सवाई जयसिंह और पेशवा बालाजी बाजीराव
  17. धौलपुर समझौते के अनुसार पेशवा को क्या मिला? – मालवा की सूबेदारी
  18. धौलपुर समझौते की पुष्टि कब हुई? – 4 जुलाई, 1741 ई.
  19. धौलपुर समझौते के अनुसार पेशवा को बादशाह की सेवा में कितने सैनिक रखने थे? – 500 सैनिक
  20. धौलपुर समझौते के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर पेशवा कितने सवार भेजेगा? – 4,000 सवार
  21. धौलपुर समझौते में पेशवा को किस क्षेत्र के जमींदारों से नजराना लेने का अधिकार मिला? – चम्बल के पूर्व और दक्षिण के क्षेत्र से
  22. धौलपुर समझौते में पेशवा को क्या लिखना था? – बादशाह के प्रति वफादारी पत्र
  23. धौलपुर समझौते में किन मराठा सरदारों को पेशवा की निष्ठा की गारंटी देनी थी? – सिन्धिया और होल्कर
  24. हुरड़ा सम्मेलन के समय मेवाड़ का शासक कौन था? – महाराणा जगतसिंह द्वितीय
  25. हुरड़ा सम्मेलन को असफल क्यों माना जाता है? – क्योंकि राजपूत शासक मराठों के विरुद्ध एकजुट होकर कार्यवाही नहीं कर पाए।

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