Nobel Prize in Economics 2025:इकोनॉमिक्स का नोबेल 2025, दो अमेरिकी और एक ब्रिटिश अर्थशास्त्री को इनोवेशन रिसर्च के लिए सम्मान
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नोबेल प्राइज 2025 (Economics): आर्थिक विकास में नवाचार की भूमिका पर अध्ययन को मिली वैश्विक मान्यता
Nobel Prize in Economics 2025:साल 2025 का इकोनॉमिक्स नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Economics 2025) तीन प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों — जोएल मोकीर (अमेरिका), पीटर हॉविट (अमेरिका) और फिलिप एघियन (ब्रिटेन) — को दिया गया है।
इन वैज्ञानिकों को यह सम्मान “आर्थिक विकास में इनोवेशन और तकनीकी परिवर्तन की भूमिका” पर किए गए क्रांतिकारी अध्ययन के लिए मिला है।
Nobel Prize in Economics 2025:नोबेल समिति के अनुसार, इन तीनों ने यह समझाया कि कैसे नए विचार, तकनीकी नवाचार और उत्पादन के आधुनिक तरीके लंबे समय तक आर्थिक विकास (Economic Growth) को गति देते हैं।
इनोवेशन से खुलता है आर्थिक विकास का रास्ता
तीनों विजेताओं की रिसर्च बताती है कि —
“नए उत्पाद और तकनीकी बदलाव (technological changes) लगातार पुराने तरीकों को बदलते रहते हैं, और यही प्रक्रिया सतत आर्थिक विकास (sustainable economic development) की कुंजी है।”
Nobel Prize in Economics 2025:इस शोध के मुताबिक, जब समाज नई तकनीक अपनाता है तो न सिर्फ उत्पादन बढ़ता है, बल्कि लोगों की जीवन गुणवत्ता (Quality of Life), स्वास्थ्य (Health) और जीवन स्तर (Living Standard) भी बेहतर होते हैं।
नोबेल पुरस्कार राशि और सम्मान
2025 के विजेताओं को मिलेंगे —
- 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग ₹10.3 करोड़)
- सोने का मेडल
- सम्मान पत्र (Certificate)
पुरस्कार वितरण समारोह 10 दिसंबर 2025 को स्टॉकहोम (स्वीडन) में आयोजित होगा।
भारत के अर्थशास्त्र में दो नोबेल विजेता
भारत को अब तक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दो बार नोबेल गौरव मिला है —
अमर्त्य सेन (1998)
- गरीबी और मानव विकास पर गहन अध्ययन के लिए सम्मान।
- उन्होंने “Capability Approach” की अवधारणा दी — जिसमें गरीबी को केवल आय से नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों से भी मापा गया।
अभिजीत बनर्जी (2019)
- गरीबी उन्मूलन के लिए छोटे-छोटे प्रयोग (Field Experiments) किए।
- स्कूलों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर अध्ययन।
- यह पुरस्कार उन्होंने अपनी पत्नी एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर के साथ साझा किया था।
नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत कब हुई?
नोबेल पुरस्कारों की स्थापना 1895 में वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से हुई थी।
पहली बार पुरस्कार 1901 में दिए गए।
शुरुआत में यह पुरस्कार केवल 5 क्षेत्रों में मिलते थे —
भौतिकी (Physics), रसायन (Chemistry), चिकित्सा (Medicine), साहित्य (Literature) और शांति (Peace)।
बाद में अर्थशास्त्र (Economics) को भी इसमें जोड़ा गया।
पिछले सालों के इकोनॉमिक्स नोबेल विजेता
| वर्ष | विजेता | मुख्य योगदान |
| 2024 | डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन, जेम्स रॉबिन्सन | संस्थाओं (Institutions) का देश की अमीरी-गरीबी पर प्रभाव |
| 2023 | क्लाउडिया गोल्डिन | महिलाओं की नौकरियों में भागीदारी और लैंगिक समानता |
| 2022 | बेन बर्नानके, डगलस डायमंड, फिलिप डायबिग | बैंकिंग सिस्टम की स्थिरता और आर्थिक संकट से बचाव |
| 2021 | डेविड कार्ड, जोशुआ एंग्रिस्ट, गूडमुनड्डुर गुडमुंडसन | न्यूनतम वेतन और शिक्षा नीति के आर्थिक प्रभाव |
| 2020 | पॉल मिलग्रोम, रॉबर्ट विल्सन | नीलामी प्रणाली (Auction System) में सुधार के सिद्धांत |
भारत के 9 नोबेल पुरस्कार विजेता
| वर्ष | नाम | क्षेत्र | प्रमुख योगदान |
| 1913 | रविंद्रनाथ टैगोर | साहित्य | ‘गीतांजलि’ कविता संग्रह |
| 1930 | सी.वी. रमन | भौतिकी | रमन प्रभाव की खोज |
| 1968 | हर गोबिंद खुराना | चिकित्सा | डीएनए और जीन संश्लेषण |
| 1979 | मदर टेरेसा | शांति | गरीबों की सेवा |
| 1983 | सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर | भौतिकी | तारों की चंद्रशेखर सीमा सिद्धांत |
| 1998 | अमर्त्य सेन | अर्थशास्त्र | गरीबी और कल्याण का नया दृष्टिकोण |
| 2009 | वेंकटरमन रामकृष्णन | रसायन | राइबोसोम की संरचना |
| 2014 | कैलाश सत्यार्थी | शांति | बाल श्रम के खिलाफ अभियान |
| 2019 | अभिजीत बनर्जी | अर्थशास्त्र | गरीबी उन्मूलन के प्रयोग |
Nobel Prize in Economics 2025
Nobel Prize in Economics 2025:इकोनॉमिक्स नोबेल 2025 इस बात का प्रमाण है कि इनोवेशन और तकनीकी परिवर्तन (Innovation & Technology) किसी भी देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं।
यह पुरस्कार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है कि वे नई सोच और शोध (Research & Innovation) से समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को आगे बढ़ाएं।
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