Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य का पतन और राजस्थान में अराजकता

Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य का पतन

Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य के पतनोन्मुख होने के साथ ही राजस्थान भी भयंकर अराजकता की चपेट में आ गया। इस समय राजपूताना की रियासतें आपसी प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ग्रस्त हो गईं। इतिहासकार जदुनाथ सरकार ने इस स्थिति को इस प्रकार व्यक्त किया—
“समस्त राजस्थान एक ऐसा अजायबघर बन गया जिसके पिंजड़ों के फाटक और रक्षक ही हटा दिये गये हों।”

मुगल सत्ता का पतन और मराठों का उदय

  • 1713 ई. में छत्रपति शाहू ने बालाजी विश्वनाथ को पेशवा नियुक्त किया।
  • मराठों ने फर्रुखसियर को हटाकर रफी-उद्-दरजात को मुगल सम्राट बनाया।
  • इस समय मराठों को स्पष्ट हो गया कि मुगल साम्राज्य अब खोखला हो चुका है।

Rise of the Marathas:बालाजी विश्वनाथ की मृत्यु के बाद, शाहू ने उसके पुत्र बाजीराव प्रथम को पेशवा नियुक्त किया। बाजीराव ने हिन्दू पद पादशाही की अवधारणा प्रस्तुत की। वह एक साहसी सैनिक और कुशल राजनीतिज्ञ था।

राजस्थान की चिंताएँ और मराठा प्रसार नीति

Rise of the Marathas:मराठों की उत्तर की ओर प्रसार नीति ने राजपूत शासकों की चिंता बढ़ा दी। इसके दो प्रमुख कारण थे –

  1. मुगलों के पतन का लाभ उठाकर राजपूत अपने राज्यों का विस्तार करना चाहते थे।
  2. गुजरात, मालवा और दिल्ली की ओर बढ़ते मराठे राजस्थान को भी अपने प्रभाव क्षेत्र में शामिल करना चाहते थे।

सवाई जयसिंह और मराठों का संघर्ष

  • Rise of the Marathas:सवाई जयसिंह ने अपनी प्रथम सूबेदारी (1729 ई.) में मराठों को मालवा से खदेड़ने के प्रयास किए।
  • 1732 ई. में तीसरी बार मालवा का सूबेदार बनने के बाद, उन्होंने महाराणा संग्रामसिंह से समझौता किया ताकि मराठों को रोका जा सके।
  • जयसिंह ने मराठों पर आक्रमण कर उन्हें पीछे धकेला, लेकिन अचानक होल्कर ने उन्हें घेर लिया।
  • परिणामस्वरूप, जयसिंह को 6 लाख रुपये नकद और मालवा के 58 परगनों की वसूली मराठों को देनी पड़ी।

राजस्थान में गृह कलह और मराठों का प्रवेश

Rise of the Marathas:इस समय राजस्थान तीन प्रमुख गृहकलहों का शिकार था:

  1. बूँदी
  2. जयपुर
  3. जोधपुर

Rise of the Marathas:यह संघर्ष मुख्यतः सिंहासन के दावेदारों के आपसी झगड़ों के कारण था।

मराठों ने पहले तो भाड़े के साथी के रूप में प्रवेश किया, लेकिन बाद में वे चौथ वसूली करने वाले और लूटमार करने वाले बन गए।

Rise of the Marathas:मुगल साम्राज्य के पतन ने राजस्थान की राजनीतिक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। राजपूताना की रियासतें आपसी कलह में उलझी रहीं और इस स्थिति का लाभ मराठों ने उठाया। परिणामस्वरूप, 18वीं शताब्दी का राजस्थान निरंतर संघर्ष, षड्यंत्र और अराजकता का शिकार बना रहा।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions)

प्रश्न 1. जदुनाथ सरकार ने राजस्थान की स्थिति की तुलना किससे की थी?

  • (A) किले से
  • (B) अजायबघर से
  • (C) रणभूमि से
  • (D) बगीचे से

 उत्तर: (B) अजायबघर से

प्रश्न 2. छत्रपति शाहू ने 1713 ई. में किसे अपना पेशवा नियुक्त किया?

  • (A) बाजीराव प्रथम
  • (B) बालाजी विश्वनाथ
  • (C) होल्कर
  • (D) शिंदे
     उत्तर: (B) बालाजी विश्वनाथ

प्रश्न 3. ‘हिन्दू पद पादशाही’ की अवधारणा किसने दी थी?

  • (A) शिवाजी
  • (B) शाहू
  • (C) बाजीराव प्रथम
  • (D) माधवराव
     उत्तर: (C) बाजीराव प्रथम

प्रश्न 4. सवाई जयसिंह को तीसरी बार मालवा का सूबेदार कब नियुक्त किया गया?

  • (A) 1729 ई.
  • (B) 1730 ई.
  • (C) 1732 ई.
  • (D) 1735 ई.
     उत्तर: (C) 1732 ई.

प्रश्न 5. मराठों से घिर जाने पर सवाई जयसिंह को कितनी नकद राशि देनी पड़ी?

  • (A) 4 लाख रुपये
  • (B) 5 लाख रुपये
  • (C) 6 लाख रुपये
  • (D) 8 लाख रुपये
     उत्तर: (C) 6 लाख रुपये

प्रश्न 6. मराठों ने राजस्थान में प्रारम्भिक रूप से प्रवेश किस रूप में किया?

  • (A) चौथ वसूल करने वाले
  • (B) भाड़े के साथी
  • (C) सूबेदार
  • (D) व्यापारी
     उत्तर: (B) भाड़े के साथी

प्रश्न 7. राजस्थान में गृह कलह के प्रमुख केन्द्र कौन-कौन से थे?

  • (A) जयपुर, अजमेर, मेवाड़
  • (B) बूँदी, जयपुर, जोधपुर
  • (C) जोधपुर, कोटा, भरतपुर
  • (D) बूँदी, उदयपुर, अलवर
     उत्तर: (B) बूँदी, जयपुर, जोधपुर

लघु प्रश्नोत्तर (Short Q&A)

प्रश्न 1. मराठों ने किस मुगल बादशाह को गद्दी से हटाया?
उत्तर: फर्रुखसियर को।

प्रश्न 2. मुगल साम्राज्य को मराठों ने किस रूप में देखा?
उत्तर: खोखला और मरणासन्न साम्राज्य।

प्रश्न 3. सवाई जयसिंह ने किस महाराणा से समझौता किया?
उत्तर: महाराणा संग्रामसिंह से।

प्रश्न 4. मराठों ने जयसिंह से कितने परगनों की वसूली का अधिकार प्राप्त किया?
उत्तर: मालवा के 58 परगनों का।

प्रश्न 5. राजस्थान में मराठों की भूमिका कैसे बदली?
उत्तर: पहले भाड़े के साथी → बाद में चौथ वसूल करने वाले व लूटमार करने वाले।

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