Sirohi ke Chauhan
Sirohi ke Chauhan सिरोही के चौहान
प्राचीन साहित्य में सिरोही को अर्बूद प्रदेश कहा गया है।
कर्नल टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम शिवपुरी था।
यह क्षेत्र मौर्य, क्षत्रप, हूण, प्रतिहार, राठौड़, चौहान, गुहिल आदि शासकों के अधीन रहा।
मध्यकाल में यहाँ प्रतिहारों का राज्य था जिनकी राजधानी चन्द्रावती थी।
इन्हीं के शासनकाल में चन्द्रावती के भव्य मंदिर एवं सुन्दर मूर्तियों का निर्माण हुआ था।
सिरोही के देवड़ाओं का आदि पुरुष लुम्बा जालौर की देवड़ा शाखा का था, जिसने 1311 ई. के लगभग आबू और चन्द्रावती को प्रतिहारों से छीनकर वहाँ अपनी स्वतन्त्रता स्थापित की।
उसने 1320 ई. में अचलेश्वर मन्दिर का जीर्णोद्धार कर एक गाँव हैठूडी भेंट किया। ऋषि का मन्दिर बनवाया और वशिष्ठ के मन्दिर के लिए गाँव भेंट किये।
इन शासकों की राजधानी कभी चन्द्रावती और कभी अचलगढ़ में रही।
सिरोही की स्थापना: चन्द्रावती अब लगातार मुस्लिम आक्रमण के कारण राजधानी के लिए उपयुक्त नहीं रही।
देवड़ा राजा रायमल के पुत्र शिवभान ने सरणवा पहाड़ों पर एक दुर्ग की स्थापना की और 1405 ई. में शिवपुरी नगर बसाया।
उसके पुत्र सहसामल ने शिवपुरी से दो मील आगे 1425 ई. में नया नगर बसाया जिसे आजकल सिरोही के नाम से जाना जाता है।
पुरानी सिरोही को राजधानी न रखने का कारण अहमदशाह गुजराती के आक्रमणों का भय भी हो सकता है।
सहसामल बड़ा महत्त्वाकांक्षी शासक था। उसने सोलंकी राजपूतों के राज्य में से कुछ भाग लेकर अपने राज्य में मिला लिया।
जब महाराणा कुंभा को इसकी सूचना मिली तो उसने शीघ्र डोढ़िया नरसिंह की अध्यक्षता में एक सेना भेजी जिसने आबू, बसन्तगढ़ और भूड़ तथा सिरोही के पूर्वी भाग को अपने राज्य में मिला लिया।
महाराणा कुंभा ने अपनी विजय के उपलक्ष में राणा ने यहाँ अचलगढ़ दुर्ग, कुम्भास्वामी का मन्दिर, एक ताल और राजप्रासाद का निर्माण करवाया।
1451 ई. में जब लाखा सिरोही का स्वामी बना तो उसने अपना मुख्य उद्देश्य आबू पुन: प्राप्त करने का बनाया।
कुम्भा की मृत्यु के उपरान्त लाखा ने आबू भी ले लिया। उसने पावागढ़ से लाकर कलिका की मूर्ति सिरोही में स्थापित की और अपने नाम से लखनाव तालाब का निर्माण करवाया।
लाखा के बाद उसका ज्येष्ठ पुत्र जगमाल सिरोही के सिंहासन पर बैठा।
सन् 1823 में यहाँ शासक शिवसिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी से संधि कर ली। स्वंत्रता के बाद जनवरी, 1950 सिरोही राज्य राजस्थान में मिला दिया गया।
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