Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : राजस्थान के इतिहास में 18वीं सदी में राजपूत राज्यों में उत्तराधिकार संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से जोधपुर और मेवाड़ में इस समय राजनीतिक अस्थिरता और मराठाओं के दबाव ने राज्य प्रशासन और जनजीवन को प्रभावित किया।
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Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर में उत्तराधिकारी संघर्ष
- जोधपुर के महाराजा अभयसिंह का भाई बख्तसिंह अभयसिंह को गद्दीच्युत कर स्वयं शासक बनना चाहता था।
- अप्रैल 1735 ई. में राणोजी सिंधिया और मल्हारराव होल्कर ने जोधपुर पर आक्रमण किया।
- 1749 ई. में अभयसिंह की मृत्यु के बाद उसका पुत्र रामसिंह गद्दी पर बैठा।
- बख्तसिंह ने रामसिंह को परास्त कर जोधपुर की गद्दी हथिया ली।
- जब बख्तसिंह ने अजमेर पर अधिकार कर लिया, तो मराठों को इसे अपने लिए अवसर समझा।
- 1752 ई. में बख्तसिंह की मृत्यु के बाद उसका पुत्र विजयसिंह गद्दी पर बैठा।
- 1754 ई. में रघुनाथ राव ने रामसिंह को पुनः गद्दी दिलाने के लिए जयप्पा सिंधिया को भेजा।
- विजयसिंह परास्त होकर नागौर दुर्ग में शरण लेने को मजबूर हुआ।
- 1755 ई. में जयप्पा की हत्या कर विजयसिंह को मराठों की शर्तें स्वीकार करनी पड़ी।
- मराठों ने अधिकार में लिया:
- अजमेर नगर और परगना
- जालौर नगर और मारवाड़ का आधा राज्य रामसिंह को दिया
- 50 लाख रुपये हर्जाने के रूप में
uccession struggle in Jodhpur and Mewar :इस संघर्ष ने जोधपुर में मराठाओं के प्रभाव को बढ़ाया और राजपूत शासकों की निर्भरता उजागर की।
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष
- uccession struggle in Jodhpur and Mewar :मालवा में मराठों का प्रवेश मेवाड़ की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया।
- पेशवा अक्टूबर 1735 ई. में उत्तर भारत आए और उदयपुर पहुँचे। महाराणा ने पहली बार मराठों को चौथ देना स्वीकार किया।
- 1741 ई. में धौलपुर समझौते के बाद मालवा मराठाओं का प्रांत बन गया।
- महाराणा राजसिंह की निःसंतान मृत्यु के बाद उनके चाचा अड़सी (अरिसिंह) ने गद्दी संभाली।
- uccession struggle in Jodhpur and Mewar :
- अड़सी के दुर्व्यवहार से मेवाड़ के प्रमुख सामंत क्रुद्ध हो गए और उन्होंने रतनसिंह को गद्दी का दावेदार बनाया।
- दोनों पक्षों ने मराठों से सहायता लेने का प्रयास किया।
- अड़सी के पक्ष ने 20 लाख रुपये वादा किए।
- रतनसिंह के पक्ष ने महादजी सिंधिया को 50 लाख रुपये और बाकी बकाया राशि देने का वादा किया।
- 16 जनवरी 1769 ई. को क्षिप्रा नदी के किनारे भीषण युद्ध हुआ, जिसमें महादजी ने विरोधियों को पराजित किया।
- 21 जुलाई 1769 ई. को सिंधिया और रतनसिंह के बीच संधि हुई।
- अड़सी को युद्ध खर्च और दफ्तर खर्च के लिए 60 लाख रुपये और 3.5 लाख रुपये देने होंगे।
- रतनसिंह को वार्षिक 75 हजार रुपये की जागीर और मन्दसौर का परगना मिला।
uccession struggle in Jodhpur and Mewar :इस प्रकार मेवाड़ में भी मराठाओं का प्रभाव बढ़ गया और स्थानीय शासक उनकी सहायता के बिना अपने सामंतों पर नियंत्रण नहीं रख सके।
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : राजस्थान में मराठाओं का प्रवेश और प्रभाव
- uccession struggle in Jodhpur and Mewar :राजस्थान के अधिकांश राज्यों में मराठों का प्रवेश और लूटमार आरंभ हो गई।
- केवल बीकानेर, जैसलमेर और किशनगढ़ मराठों की लूट से सुरक्षित रहे।
- अन्य राज्यों में मराठों का धीरे-धीरे वर्चस्व स्थापित हो गया।
- uccession struggle in Jodhpur and Mewar :
- कोटा के दीवान झाला जालिमसिंह ने मराठों को खण्डणी देकर राज्य की रक्षा की।
- आगे चलकर मराठाओं के सहयोगी पिंडारियों ने भी राजस्थान में लूट और अराजकता फैलाना शुरू किया।
- राजस्थान के राज्यों की समृद्धि कम हुई और दारिद्रय चरम सीमा पर पहुंचा।
uccession struggle in Jodhpur and Mewar :बूँदी के आंतरिक झगड़े के कारण मराठों का प्रथम प्रवेश हुआ और फिर हर वर्ष उनका आक्रमण जारी रहा।
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष निष्कर्ष
uccession struggle in Jodhpur and Mewar :18वीं सदी में राजस्थान के प्रमुख राज्य जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप ने राजपूत राजनीति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया।
- मराठों का प्रभाव बढ़ा
- राजपूत शासकों की निर्भरता उजागर हुई
- राजस्थान में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक कठिनाइयाँ बढ़ीं
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप – Objective Questions & Answers
- जोधपुर के महाराजा अभयसिंह का भाई कौन था जो गद्दी लेना चाहता था?
a) बख्तसिंह ✅
b) रामसिंह
c) विजयसिंह
d) राघुनाथ राव - जोधपुर पर अप्रैल 1735 ई. में किसने आक्रमण किया?
a) पेशवा बाजीराव
b) राणोजी सिंधिया और मल्हारराव होल्कर ✅
c) महादजी सिंधिया
d) गंगाधर तात्यां - 1749 ई. में जोधपुर की गद्दी पर कौन बैठा?
a) बख्तसिंह
b) रामसिंह ✅
c) विजयसिंह
d) जयप्पा - बख्तसिंह ने रामसिंह को कब परास्त किया?
a) 1749
b) 1752 ✅
c) 1754
d) 1755 - विजयसिंह को मराठाओं की शर्तें कब माननी पड़ीं?
a) 1752
b) 1754
c) 1755 ✅
d) 1750 - मराठों ने जोधपुर से कौन-कौन से हिस्से अपने अधिकार में रखे?
a) अजमेर नगर और परगना ✅
b) जालौर नगर और मारवाड़ का आधा राज्य
c) दोनों a और b ✅
d) केवल अजमेर - विजयसिंह ने किस नगर में शरण ली?
a) नागौर ✅
b) अजमेर
c) बीकानेर
d) उदयपुर - मेवाड़ में किस वर्ष पेशवा उत्तर भारत आए?
a) 1730
b) 1735 ✅
c) 1741
d) 1769 - धौलपुर समझौता कब हुआ?
a) 1735
b) 1741 ✅
c) 1751
d) 1769 - मेवाड़ के महाराणा राजसिंह की मृत्यु के बाद गद्दी पर कौन बैठा?
a) अड़सी (अरिसिंह) ✅
b) रतनसिंह
c) महादजी सिंधिया
d) बख्तसिंह
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप
- मेवाड़ में रतनसिंह को गद्दी दिलाने के लिए किसे भुगतान करना पड़ा?
a) पेशवा
b) महादजी सिंधिया ✅
c) मल्हारराव होल्कर
d) गंगाधर तात्यां - क्षिप्रा नदी के किनारे मेवाड़ में युद्ध कब हुआ?
a) 1749
b) 1769 ✅
c) 1751
d) 1735 - महादजी सिंधिया ने अड़सी को कितना युद्ध खर्च दिया?
a) 20 लाख
b) 50 लाख
c) 60 लाख ✅
d) 75 लाख - रतनसिंह को मेवाड़ में कौन-कौन से लाभ मिले?
a) वार्षिक 75 हजार रुपये की जागीर ✅
b) मन्दसौर का परगना ✅
c) दोनों a और b ✅
d) केवल मन्दसौर - जोधपुर में जयप्पा किस वर्ष भेजा गया था?
a) 1752
b) 1754 ✅
c) 1755
d) 1769 - राजस्थान में किस राज्य ने मराठाओं से स्वतंत्रता बनाए रखी?
a) बीकानेर, जैसलमेर और किशनगढ़ ✅
b) जोधपुर, मेवाड़
c) कोटा
d) बूँदी - कोटा के दीवान ने मराठाओं को क्या देकर राज्य बचाया?
a) धन
b) खण्डणी ✅
c) सैनिक सहायता
d) जागीर - मराठाओं के सहयोगी कौन थे जिन्होंने लूटमार की?
a) पिंडारियों ✅
b) सिंधिया
c) होल्कर
d) बाजीराव - 1755 ई. में विजयसिंह को किस कारण मराठाओं की शर्तें माननी पड़ीं?
a) पराजय और असहनीय स्थिति ✅
b) राजसिंह की हत्या
c) पेशवा की धमकी
d) सिंधिया का आक्रमण - जोधपुर और मेवाड़ संघर्षों का मुख्य कारण क्या था?
a) मराठाओं की मदद लेना
b) उत्तराधिकारी पर विवाद ✅
c) अजमेर पर अधिकार
d) धन का संकट
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप
- जोधपुर संघर्ष में विजयसिंह किस वर्ष गद्दी पर बैठा?
👉 1752 ✅ - रामसिंह को पुनः गद्दी दिलाने के लिए कौन भेजा गया?
👉 जयप्पा सिंधिया ✅ - मेवाड़ में अड़सी का स्वभाव कैसा था?
👉 क्रोधित और दुर्व्यवहार वाला ✅ - रतनसिंह के पक्ष वालों ने महादजी सिंधिया को कितने रुपये देने का वादा किया?
👉 50 लाख ✅ - क्षिप्रा नदी युद्ध में कौन विजयी हुआ?
👉 महादजी सिंधिया ✅ - मेवाड़ में रतनसिंह को वार्षिक आय कितनी दी गई?
👉 75 हजार रुपये ✅ - राजस्थान के किस राज्य ने मराठाओं की लूट से बचाव किया?
👉 बीकानेर, जैसलमेर और किशनगढ़ ✅ - राजस्थान में मराठाओं का पहला प्रवेश किस राज्य के आंतरिक झगड़े के कारण हुआ?
👉 बूँदी ✅ - जोधपुर संघर्ष में बख्तसिंह ने अजमेर कब पर कब्जा किया?
👉 बख्तसिंह ने रामसिंह को परास्त करने के बाद ✅ - विजयसिंह ने मराठाओं को कितने रुपये हर्जाने के रूप में देने का वादा किया?
👉 50 लाख ✅
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप
- महाराणा ने पहली बार मराठाओं को किस चीज़ की अनुमति दी?
👉 चौथ ✅ - धौलपुर समझौते के बाद मालवा का प्रांत किसके अधिकार में गया?
👉 मराठाओं ✅ - मेवाड़ के किस चाचा ने गद्दी संभाली?
👉 अड़सी (अरिसिंह) ✅ - रतनसिंह को गद्दी दिलाने के लिए महादजी ने किससे रुपया माँगा?
👉 रतनसिंह के समर्थकों से ✅ - सिंधिया और रतनसिंह के बीच सन्धि कब हुई?
👉 21 जुलाई 1769 ✅ - राजस्थान में मराठाओं का वर्चस्व किसने बढ़ाया?
👉 राज्य संघर्ष और मराठाओं की लगातार आक्रमण नीति ✅ - कोटा राज्य ने मराठाओं से बचाव के लिए क्या नीति अपनाई?
👉 तुष्टिकरण नीति ✅ - राजस्थान के राज्यों की समृद्धि उस समय क्या थी?
👉 कम और दारिद्रय चरम सीमा पर ✅ - पिंडारियों ने राजस्थान में क्या किया?
👉 लूटमार और अराजकता फैलाना ✅ - जोधपुर में विजयसिंह ने नागौर में शरण क्यों ली?
👉 पराजय और असुरक्षा के कारण ✅
Succession struggle in Jodhpur and Mewar : जोधपुर और मेवाड़ में उत्तराधिकारी संघर्ष और मराठाओं का हस्तक्षेप
- जोधपुर संघर्ष में मराठाओं की सबसे बड़ी मांग क्या थी?
👉 अजमेर और जालौर पर अधिकार, मारवाड़ का आधा राज्य ✅ - विजयसिंह ने मराठाओं की शर्तें कब स्वीकार कीं?
👉 1755 ✅ - राजस्थान के अधिकांश राज्य किससे प्रभावित हुए?
👉 मराठाओं ✅ - मेवाड़ संघर्ष में रतनसिंह को क्या मिला?
👉 जागीर + परगना + वार्षिक आय ✅ - राजस्थान में मराठाओं के प्रवेश के बाद आर्थिक स्थिति कैसी हुई?
👉 दारिद्रय चरम सीमा पर ✅ - जोधपुर और मेवाड़ संघर्ष किस प्रकार के संघर्ष थे?
👉 उत्तराधिकारी संघर्ष ✅ - राजस्थान के किस राज्य ने मराठाओं की शरण लेने की नीति नहीं अपनाई?
👉 बीकानेर, जैसलमेर, किशनगढ़ ✅ - मराठाओं के दबाव में महाराणा को किसकी सहायता लेनी पड़ी?
👉 महादजी सिंधिया ✅ - जोधपुर संघर्ष में जयप्पा किसे पुनः गद्दी दिलाने गया था?
👉 रामसिंह ✅ - राजस्थान में मराठाओं के प्रवेश का मुख्य कारण क्या था?
👉 आंतरिक संघर्ष और कमजोर शासन ✅
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