Archaeological Sites In Rajasthan

Archaeological Sites In Rajasthan

Archaeological Sites In Rajasthan Archaeological Sites In Rajasthan आइये आज हम राजस्थान में प्राचीन सभ्यताओं के पुरातात्विक स्थलों के बारे में अध्ययन करेंगे विश्व की प्राचीनतम अरावली की कंदराओं में मानव आश्रय का प्रमाण सर्वप्रथम भू-वैज्ञानिक सी.ए. हैकट ने 1870 ई. में इन्द्रगढ़ (बूंदी) में खोज निकाला। ऋग्वेद मे सरस्वती नदी एवं मरू दोनों का … Read more

Kota ke Chauhan (Hada)

Kota ke Chauhan (Hada)

Kota ke Chauhan (Hada) Kota ke Chauhan (Hada) कोटा के चौहान कोटा पूर्व में कोटिया भील के  नियंत्रण में था ,  कोटिया भील  के कारण इसका नाम कोटा  पड़ा। उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार बूंदी के राजा  देवी सिंह  के पुत्र जैत्र सिंह  ने ईसवी सन् 1264 में चम्बल के पूर्वी किनारे पर कोटिया भील को … Read more

Sirohi ke Chauhan

Sirohi ke Chauhan

Sirohi ke Chauhan Sirohi ke Chauhan सिरोही के चौहान प्राचीन साहित्य में सिरोही को अर्बूद प्रदेश कहा गया है। कर्नल टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम शिवपुरी था। यह क्षेत्र मौर्य, क्षत्रप, हूण, प्रतिहार, राठौड़, चौहान, गुहिल आदि शासकों के अधीन रहा। मध्यकाल में यहाँ प्रतिहारों का राज्य था जिनकी राजधानी चन्द्रावती थी। … Read more

Chauhan of Hadoti

Chauhan of Hadoti

Chauhan of Hadoti Chauhan of Hadoti हाड़ौती के चौहान  बूँदी के चौहान (हाड़ा) प्राचीनकाल काल में हाड़ौती(कोटा, बूँदी) भाग पर मीणों का अधिकार था। राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी कोने वाले भाग का नाम हाड़ौती है जिसमें बूंदी और कोटा के भाग शामिल हैं। कुम्भा कालीन रणपुर लेख में बूँदी का नाम वृन्दावती मिलता है। जब यहां … Read more

Chauhan of Jalore

Chauhan of Jalore

Chauhan of Jalore Chauhan of Jalore जालौर के चौहान आइये आज हम जालौर के चौहान ( Chauhan of Jalore) वंश के बारे में अध्ययन करेंगे कीर्तिपाल नाडौल शाखा के प्रतिभासम्पन्न कीर्तिपाल ने 1181 या 1182 ई. के लगभग जालौर को प्रतिहरों से छीनकर अपने अधिकार में ले लिया और वह वहाँ का स्वतन्त्र शासक बन … Read more

Chauhans of Ranthambore

Chauhans of Ranthambore

आइये आज हम रणथम्भौर के चौहान (Chauhans of Ranthambore) वंश के बारें में अध्ययन करेंगे रणथम्भौर के चौहान वंश  की स्थापना रणथम्भौर के चौहान वंश  की स्थापना पृथ्वीराज चौहान  तृतीय के पुत्र गोविंदराज ने की थी। कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज से अजमेर लेकर उसे रणथम्भौर का राज्य दिया था, गोविंदराज ने दिल्ली सल्तनत की अधीनता … Read more

Prithvi Raj Chauhan

Prithvi Raj Chauhan

आइये आज हम पृथ्वीराज चौहान (Prithvi Raj Chauhan) के बारें में अध्ययन करेंगे पृथ्वीराज तृतीय (पृथ्वीराज चौहान) (1177-1192 ई.) अजमेर के चौहान वंश का अंतिम प्रतापी शासक पृथ्वीराज तृतीय(पृथ्वीराज चौहान) था पृथ्वीराज चौहान का जन्म सन 1166 ईस्वी में हुआ पृथ्वीराज चौहान का जन्म स्थान अन्हिलपाटन (गुजरात) पृथ्वीराज चौहान के पिता का नाम सोमेश्वर पृथ्वीराज … Read more

History of Chauhans in Rajasthan

History of Chauhans in Rajasthan

History of Chauhans in Rajasthan विग्रहराज द्वितीय प्रारंभिक चौहान शासकों में सबसे प्रतापी शासक सिंहराज का पुत्र विग्रहराज द्वितीय हुआ, जो 965 ई. के आसपास सपादलक्ष (संभार) का राजा बना। भडाँच में अपनी कुल देवी आशापुरा माता के मंदिर का निर्माण करवाया । 973 ई. के हर्षनाथ के अभिलेख से विग्रहराज के शासन काल के … Read more

Chauhan dynasty in Rajasthan

Chauhan dynasty in Rajasthan

राजस्थान में चौहानों का इतिहास Chauhan dynasty in Rajasthan राजस्थान के उत्तरी भाग में  सातवीं शताब्दी में चौहान राजपूत में बसे हुए थे और अपनी शक्ति बढ़ा रहे थे, ‘चहमान’ शब्द से  चौहानों का संबंध जयानक ने जोड़ा है, जो इनकी प्रारंभिक विशेष योग्यता का द्योतक हैं।कि चहमान नाम का इस वंश का कोई आदि … Read more

Bapa Rawal

Bapa Rawal

Bapa Rawal बापा रावल Bapa Rawal बापा रावल आइये आज हम बापा रावल के बारे में अध्ययन करेंगे बापा रावल गुहिलवंशी राजानागादित्य के पुत्र थे इनकी माता का नाम कमलावती था। इनकी तीन वर्ष की आयु में ही इनके पिता की हत्या होने के कारण इनको ब्राह्मणों की गायें चरानी पड़ीं ।                 ऐसी … Read more