Muslim kingdom of Tonk

Muslim kingdom of Tonk

Muslim kingdom of Tonk Muslim kingdom of Tonk टोंक का मुस्लिम साम्राज्य आइये आज हम राजस्थान में एक मात्र मुस्लिम रियासत टोंक (Muslim kingdom of Tonk) के बारें में अध्ययन करेंगे टोंक राज्य का संस्थापक टोंक राज्य का संस्थापक मुहम्मद अमीर खां पिण्डारी था, इसकी राज्य करने के अवधि सन् 1768-1834 ई. यह अफगान वंश … Read more

Rao Ganga

Rao Ganga

Rao Ganga राव गांगा (1515-1532 ई.) राव गांगा मारवाड़ का शासक बना यह राव सूजा का पौत्र था । राव गांगा ने राणा सांगा से मित्रता कर अपनी समस्याओं का अंत किया। मुगल शासक बाबर और राणा सांगा के बीच भरतपुर जिले के खानवा नामक स्थान में हुआ, खानवा के युद्ध में राव गांगा ने … Read more

Rao Jodha

Rao Jodha

राव जोधा (1453-1489ई.) Rao Jodha राव रणमल के पश्चात् राव जोधा मारवाड़ का शासक बना। यह राव रणमल का पुत्र था।  जोधा ने अपनी पुत्री का विवाह राणा कुम्भा से किया। जब चित्तौड़ में रणमल की हत्या 1438 ई. में हुई तो उसका पुत्र जोधा अपने साथियों के साथ मारवाड़ की ओर चला गया। वह … Read more

Rao Chunda and Rao Ranmal

Rao Chunda and Rao Ranmal

राव चूँडाऔर राव रणमल Rao Chunda and Rao Ranmal राठौड़ों का प्रथम बड़ा शासक राव चूँडा हुआ, यह राव सीहा के वंशज वीरमदेव का पुत्र था। राव चूँडा ने अपनी सैनिक शक्ति को शक्तिशाली बनाया तथा मण्डौर के किले को जीता। राव चूँडा ने मण्डौर को राठौड़ों की राजधानी बनाया। राव चूँडा ने अपने राज्य … Read more

Rathore of Jodhpur

Rathore of Jodhpur

आइये आज हम राठौड़ वंश (Rathore Of Jodhpur) के बारे में अध्ययन करेंगे राव सीहा (1240-1273 ई.) मारवाड़ में जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जालौर, नागौर एवं पाली जिले में आते हैं मारवाड़ के राठौड़ वंश की स्थापना राव सीहा ने 13 शताब्दी में की व साम्राज्य का विस्तार किया। राठौड़ों का मूल पुरुष सीहा था, उसने … Read more

Rathor Dynasty

Rathor Dynasty

राठौड़ वंश Rathor Dynasty ‘राठौड़’ शब्द भाषा में एक राजपूत जाति के लिए इस्तेमाल किया गया है, जिसे संस्कृत में Rashtrakuta (राष्ट्रकूट) कहते हैं। राष्ट्रकूट का प्राकृत रूप ‘रटूटऊड‘ है जिससे ‘राइउड‘ या ‘राठौड़‘ बनता है। अशोक के शिलालेखों कुछ दक्षिण – जातियों के लिए ‘रिस्टिक’ Lattic (लटिक) और ‘रटिक’ शब्दों का प्रयोग किया गया … Read more

Jhalawar State

Jhalawar State

Jhalawar State Jhalawar State झालावाड़ राज्य झालावाड़– झालावाड़ राज्य पहले कोटा रियासत का ही भाग था। यहाँ राजपूतों की झालाखाँप के राजा होते थे। ये अपने आपको चन्द्रवंशी मानते थे। झालावाड़ का वर्तमान राज्य सन् 1838 ई. में स्थापित हुआ था। झालरापाटन इसकी राजघानी थी। यह शहर हरियाली से परिपूर्ण है। झालरापाटन–(City Of Bells) के … Read more

Chouhan of Nadaul

Chouhan of Nadaul

नाडौल के चौहान Chouhan of Nadaul राजस्थान के पाली जिले की देसुरी तहसील का एक नगर प्राचीन काल में नाडौल कहलाता था। नाडौल के चौहानों की शाखा का संस्थापक लक्ष्मण चौहान शाकम्भरी नरेश वाक्पति राज का पुत्र था। लक्ष्मण चौहान ने 960 ई. के लगभग चावड़ा राजपूतों से स्वतंत्र होकर चौहान वंश की स्थापना की। शाकम्भरी(संभार) … Read more

Kachhwaha Dynasty of Amer

Kachhwaha Dynasty of Amer

Kachhwaha Dynasty of Amer आइये आज हम आमेर के कच्छवाहा राजवंश (Kachhwaha Dynasty of Amer) के बारें में अध्ययन करेंगे कच्छवाहा राजपूत स्वयं को भगवान रामचन्द्र के पुत्र कुश का वंशज मानते हैं, कच्छवाहा वंश के नरवर के शासक सोढा सिंह के पुत्र दुलहराय ने सन् 1137 के लगभग रामगढ़ (ढूँढाड़) में मीणों को तथा … Read more

Pratihara of Bhinmal (Jalore)

Pratihara of Bhinmal (Jalore)

Pratihara of Bhinmal (Jalore) Pratihara of Bhinmal (Jalore) आइये आज हमभीनमाल (जालौर) के प्रतिहार {Pratihara of Bhinmal (Jalore)} के बारें में अध्ययन करेंगे नागभटट प्रथम ( 730-760 ई.) इस शाखा का संसथापक नागभट्ट प्रथम था। नागभट्ट प्रथम का समय 730-760 ई. माना जाता है यह बड़ा प्रतापी शासक हुआ इसका दरबार नागावलोक का दरबार कहलाता … Read more